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Thursday, 16 November 2017

Bawaseer ka ilaj hindi mai | बवासीर का इलाज हिंदी में 

Piles Bawaseer Treatment in Hindi


बवासीर दो प्रकार की होती है - अंदर की और बाहर की।

अंदर की बवासीर मे मस्से अंदर को होते है। गोल - चपटे उभरे हुए मस्से चने - मसूर के दाने बराबर होते है। कब्ज की वजह से जब अंदर का मस्सा शौच करते समय जोर लगाने पर बाहर आ जाता है, तो मरीज दर्द से तड़प उठता है और मस्से छिल जाए तो जख्म हो जाता है। बाहर की बवासीर मे मस्सा गुदा वाली जगह पर होता है, इसमे दर्द नही होता। कभी-कभी खारिश या खुजली होती है। कब्ज होने पर इससे इतना खून आने लगता है कि मरीज खून देख के घबरा जाता है और चेहरा पीला पड़ जाता है।

लक्षण : बवासीर से मरीज का हाजमा खराब हो जाता है। भूख नही लगती, कब्ज रहने लगती है। पेट मे कभी कभी गैस बनने लगती है । मेदा, दिल, जिगर कमजोर हो जाते है। आमतौर से सारीरिक कमजोरी हो जाती है। मरीज के मुह पर हल्की सूजन भी आ जाती है।

उपाय: 50 ग्राम रीठे लेकर तवे पर रखकर कटोरी से ढ़क दे और तवे के नीचे आधा घंटा आग जलाए। रीठे भस्म हो जाएंगे। ठंडा होने पर कटोरी हटाकर बारीक करके रीठे की भस्म 20 ग्राम, कत्था सफेद 20 ग्राम, कुश्ता फौलाद 3 ग्राम, सबको बारीक करके मिला ले। खुराक 1 ग्राम सुबह को, 1 ग्राम शाम को, 20 ग्राम मक्खन मे रखकर खाए ऊपर से 250 ग्राम गर्म दूध पिये। 10-15 दिन करे, यह बहुत बढ़िया दवा है। खूनी, बादी बवासीर को दूर करेगी।

परहेज : गुड़, गोश्त , शराब, आम, अंगूर न खाए, कब्ज न होने दे और नीचे लिखा मरहम मस्सों पर लगाएं।

मरहम बवासीर : वेसलीन सफेद 50 ग्राम, कपूर 6 ग्राम सलफादायजीन की 3 गोली, बोरिक एसिड 6 ग्राम । सबको बारीक करके वैसलीन मे मिलाकर रात को सोते समय सुबह शौच जाने से पहले दिन मे एक बार रोजाना उंगली के साथ अंदर बाहर मस्सों पर लगाये।

खूनी बवासीर : गेंदे के हरे पत्ते 10 ग्राम, काली मिर्च 5 दाने, कुंजा मिश्री 10 ग्राम, 60 ग्राम पानी मे रगड़कर छानकर 4 दिन तक एक एक बार पिए। गर्म चीज न खाए और कब्ज न होने दे।

Monday, 5 September 2016

Benefits of Vasa for Blood leucorrhoea, Menstruation, Nose Bleeding, Piles, Urticaria, Ulcerative Colitis in Hindi

रक्त प्रदर में 

जिनको रक्त प्रदर की शिकायत है उनके लिए वासा का प्रयोग बहुत ही लाभकारी है ! इसके लिए 10 – 15 ग्राम रस में थोड़ी मिश्री मिलाकर प्रतिदिन सुबह शाम खली पेट पिये ! इससे रक्त प्रदर व शवेत प्रदर की परेशानी में आराम मिलेगा !

मासिक धर्म में

जिन महिलाओ को मासिक धर्म के दौरान ज्यादा रक्त स्राव होता है वे वासा के पत्तो का रस निकाले ! 4-5 चम्मच रस को प्रतिदिन सुबह खली पेट पियें ! ध्यान रहे इस दौरान हल्का भोजन ही करे ! इससे अति रक्तस्राव की परेशानी में आराम मिलेगा !

नकसीर रोग में 

नकसीर की परेशानी में वासा का प्रयोग बहुत ही लाभकारी है ! इसके लिए वासा की तजा पत्तियो का रस निकालकर सेवन करे ! यदि वासा की पत्तिया ताजी न मिले तो वासा की पत्तियो की सुखाकर नकसीर की परेशानी में आराम मिलेगा !

बवासीर में 

जिनको बवासीर Piles में अतिरक्तस्राव होता है उनके लिए वासा बहुत ही लाभकारी है ! इसके लिए वासा के ताजे पत्तो का रस निकालकर पियें ! इससे बवासीर की समस्या में लाभ होगा और रक्तस्राव भी बंद हो जायेगा !

शीत पित्त में

जिनको शीत पित्त Urticaria की शिकायत है उनके लिए वासा बहुत ही लाभकारी है ! इसके लिए वासा की पत्तियो को छाया में सुखा कर पाउडर कर रखे ! 2-3 ग्राम पाउडर को शुबह – शाम पानी के साथ सेवन करे ! इससे शरीर की खुजली दूर होगी और शरीर पर चकत्ते भी नही पड़ेगे !

आंतो के घाव में

जिनको आंतो में घाव है , Ulcerative Colitis है, आंतो मेंसंक्रमण है या जलोदर की शिकायत है ! इसके लिए वासा के पत्तो का पाउडर कर , बराबर मात्रा में मुलेठी मिलकर रखे ! 1 – 1चम्मच पाउडर को सुबह शाम सेवन करे ! इससे आंतो के घाव , Ulcerative Colitis,  आंतो मेंसंक्रमण है या जलोदर की शिकायत में लाभ होगा !

Sunday, 19 July 2015

बवासीर व् खुनी दस्त का आयुर्वेदिक इलाज 


  1. सूखे आंवले को बारीक पीसकर प्रतिदिन सुबह – शाम 1 चम्मच दूध या छाछ में मिलाकर पीने से खुनी बवासीर ठीक होती है !
  2. सुबह खाली पेट 200 – 300 ग्राम अमरुद नियमित रूप से सेवन करने से बवासीर में बहुत लाभ होता है !
  3. बेल के गूदे को गुड़ मिलाकर लेने से खुनी दस्त ठीक होते है !
  4. बवासीर के रोगी को प्रतिदिन सौंफ का सेवन करना चाहिए ! इससे बवासीर रोग में बहुत लाभ होता है !
  5. हरड या बाल हरड का प्रतिदिन सेवन करने से आराम मिलता है ! अर्श पर अरंडी ( बवासीर ) का तेल लगाने से फायदा होता है !
  6. एक कप ताजे दूध में नींबू निचोड़कर तुरंत पीने से खुनी बवासीर में लाभ होता है !
  7. 10 से 20 मिली नाशपाती के रस में एक से दो ग्राम बेलगिरी चूर्ण मिलाकर सेवन करने से खुनी दस्त में लाभ होता है !
  8. खुनी दस्त तथा बवासीर में कढ़ी पत्ते के 20 पत्ते लेकर, पानी के साथ पीस ले ! इसे छानकर पीने से इन रोगों में लाभ होता है !
  9. करीब 2 लीटर मटठा लेकर उसमे 50 ग्राम पिसा हुआ जीरा और थोडा नमक मिला दे ! जब भी प्यास लगे तन पानी की जगह यह छाछ पियें ! चार दिन यह प्रयोग करने से बवासीर के मस्से ठीक हो जाते है ! 
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अमूल्य कथन

1 Amla a day = No Doctor
1 Lemon a day = No Fat
3 liters of Water per day = No Diseases
5 Tulsi Leafs a day = No Cancer
1 Cup milk a day = No bone Problem

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