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Wednesday, 9 November 2016

Ayurvedic Dincharya - Ideal Daily Routine

Dinacharya - A Daily Routine List according to Ayurveda in Hindi

दिनचर्या और स्वास्थ्य 


जीने की कला मे आपकी दिनचर्या का विशेष प्रभाव है।

1. प्रातः जल्दी उठना - सवेरे जल्दी उठने से स्वास्थ्य और आयु की वर्धदि होती है।

2. शौच कर्म - उत्तम स्वास्थ्य के लिए यह कर्म दिन मे दो बार प्रातः व सायंकाल अवश्य करना चाहिए।

3. प्रातः भ्रमण से शरीर की बाहरी और भीतरी सफाई होती है, इसी प्रकार टहलना आराम भी है और कसरत भी।

4. भोजन के सम्बन्ध मे निम्न बातो पर अवश्य ध्यान दे :

> सदैव भोजन अमय पर ही करना चाहिए। अनियमित समय पर भोजन करना स्वास्थ्य के प्रतिकूल है।

> सदा संतुलित भोजन करे। अधिक गरिष्ठ पदार्थो का सेवन स्वास्थ्य के लिय हानिकारक भी हो सकता है।

> भूख से सदैव ही थोड़ा कम भोजन करे।

> भोजन मे जहा तक संभव हो हरी सब्जियां एवं दालो का प्रयोग करे। लाल मिर्च से बचे। वनस्पति घी क बदले थोड़ा शुद्ध घी का प्रयोग करे अथवा बगैर घी के ही भोजन करे।

> तले हुए भोजन देर से पचते है, इनसे बचिए।

> भोजन मे मांस, मछली, अन्डो का प्रयोग मत कीजिए, ये पदार्थ उत्तेजना फेलाते है, इनकी तासीर गर्म होती है तथा सात्विक भोजन की ओर अग्रसर हो।

> गर्म दूध, चाय य कॉफी पीकर तुरंत मत सोइए।

Tuesday, 8 November 2016

Ayurvedic Health Tips in Hindi

Some Important Ayurvedic Tips for Healthy Life in Hindi

जीवन की कुछ महत्वपूर्ण बाते : शास्त्रो मे कहा गया है ।


सड़ा मांस खाना, वरद्दा स्त्री से सम्भोग, आशिवन का सूर्य, तत्काल का जामाया हुआ दही, प्रभात समय का मैथुन एवं निंद्रा - ये 6 प्राण को तत्काल नाश करने वाले होते है।

1. बासी मांस न खाये ।

2. वरद्दा औरत के साथ सहवास न करे ।

3. तुरंत जमा दही न खाये ।

4.गर्भवती औरत के साथ सहवास न करे।

5. रात्रि मे फल न खाये।

6. सूर्य की ओर मुंह करके पेशाब न करे।

7. बरगद, पीपल, मंदिर, नदी व श्मशान मे पेशाब न करे।

8. भोजन के समय क्रोध न करे।

9. दही व मूली एक साथ न खाये।

10. लौकी व उरद की दाल एक साथ न खाये।

11. मछली व दूध एक साथ न खाये।

12. रोग और दुशम को छोटा न समझे।

Monday, 7 November 2016

Ayurvedic Tips for Good Health in Hindi

स्वास्थ्य रक्षा के नियम

यहा पर कुछ प्राक्रतिक नियम स्वास्थ रक्षा के लिए बताये गए है जो हर व्यक्ति के लिए लाभप्रद है !

1. प्रातः काल उठकर कुल्ला करके एक गिलास ताजा जल पीये , सूर्योदय से पूर्व उठे इससे चित अति प्रसन्न रहता है !

2. रात को किसी तांबे के बर्तन में पानी रख दे ! प्रातः काल शौच जाने के पूर्व नित्य उस पानी को पिटे रहने से पाखाना खुलकर आता है , कब्ज नही रहती !

3. शौच करते समय दांतों को खूब दबाकर बैठने से दांत जीवन भर नही हिलते और न कभी लकवा रोग की शिकायत ही होती है !

4. हाथ मुह धोते समय मुह में एक घूंट पानी को भरकर आँखों पर पानी के छीटे दे इससे आँखों की रौशनी बढ़ जाती है !

5. भोजन से पहले हाथ मुह धोये पैरों को धोने से जठराग्नि का मुह खुल जाता है तथा भोजन से पूर्व एक गिलास पानी पिए !

6. भोजन करते समय पानी न पिये अगर विशेष आवश्यकता हो तो एक घूंट ले सकते है ! भोजन के एक घंटे बाद ही पानी पीये इससे भोजन पेट में आसानी से पच जाता है !

7. भोजन क बाद थोड़ी देर के लिए घूमना आवश्यक है ! भोजन के बाद बाया स्वर बंद करने से पाचन शक्ति बढती है ! रात्रि में सोने से पहले पानी पीना हितकारी है !

8. सप्ताह में कम से कम एक बार सरसों के तेल की मालिश अवश्य ही होनी चाहिए ! चिंता करने से जितनी स्वास्थ की हनी होती है उतनी किसी रोग से नहीं होती !

9. खाना कहने के बाद उठकर पेशाब कर लेने से धातुक्षणता की बीमारी नही होती ! स्वप्न्दोश होने का खतरा नही होता !

10. रात को भोजन के तीन घंटे बाद स्त्री पुरुष का संग होना चाहिए ! इससे पूर्व सम्भोग करने से पेट की अनके बीमारिया हो जाती है !

11. स्त्री पुरुष के संग क बाद कभी बच्चे को दूध नही पिलाना चाहिए , इससे बच्चे के स्वास्थ पर बुरा असर पड़ता है !

Tuesday, 24 May 2016

Immunity Tips in Hindi | शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के घरेलू उपाय

How To Strong Immune System In Hindi | Immunity Tips in Hindi | शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के घरेलू उपाय

1- 90 प्रतिशत रोग केवल पेट से होते हैं। पेट में कब्ज नहीं रहना चाहिए। अन्यथा रोगों की कभी कमी नहीं रहेगी।

2- कुल 13 अधारणीय वेग हैं

3-160 रोग केवल मांसाहार से होते है

4- 103 रोग भोजन के बाद जल पीने से होते हैं। भोजन के 1 घंटे बाद ही जल पीना चाहिये।

5- 80 रोग चाय पीने से होते हैं।

6- 48 रोग ऐलुमिनियम के बर्तन या कुकर के खाने से होते हैं।

7- शराब, कोल्डड्रिंक और चाय के सेवन से हृदय रोग होता है।

8- अण्डा खाने से हृदयरोग, पथरी और गुर्दे खराब होते हैं।

9- ठंडेजल (फ्रिज)और आइसक्रीम से बड़ीआंत सिकुड़ जाती है।

10- मैगी, गुटका, शराब, सूअर का माँस, पिज्जा, बर्गर, बीड़ी, सिगरेट, 
पेप्सी, कोक से बड़ी आंत सड़ती है।

11- भोजन के पश्चात् स्नान करने से पाचनशक्ति मन्द हो जाती है और शरीर कमजोर हो जाता है।

12- बाल रंगने वाले द्रव्यों(हेयरकलर) से आँखों को हानि (अंधापन भी) होती है।

13- दूध(चाय) के साथ नमक(नमकीन
पदार्थ) खाने से चर्म रोग हो जाता है।

14- शैम्पू, कंडीशनर और विभिन्न प्रकार के तेलों से बाल पकने, झड़ने और दोमुहें होने लगते हैं।

15- गर्म जल से स्नान से शरीर की प्रतिरोधक शक्ति कम हो जाती है और
शरीर कमजोर हो जाता है। गर्म जल सिर पर डालने से आँखें कमजोर हो जाती हैं।

16- टाई बांधने से आँखों और मस्तिश्क हो हानि पहुँचती है।

17- खड़े होकर जल पीने से घुटनों(जोड़ों) में पीड़ा होती है।

18- खड़े होकर मूत्रत्याग करने से रीढ़
की हड्डी को हानि होती है।

19- भोजन पकाने के बाद उसमें नमक डालने से रक्तचाप (ब्लडप्रेशर) बढ़ता है।

20- जोर लगाकर छींकने से कानों को क्षति पहुँचती है।

21- मुँह से साँस लेने पर आयु कम होती है।

22- पुस्तक पर अधिक झुकने से फेफड़े खराब हो जाते हैं और क्षय(टीबी) होने का डर रहता है।

23- चैत्र माह में नीम के पत्ते खाने से रक्त शुद्ध हो जाता है मलेरिया नहीं होता है।

24- तुलसी के सेवन से मलेरिया नहीं होता है।

25- मूली प्रतिदिन खाने से व्यक्ति अनेक रोगों से मुक्त रहता है।

26- अनार आंव, संग्रहणी, पुरानी खांसी व हृदय रोगों के लिए सर्वश्रेश्ठ है।

27- हृदयरोगी के लिए अर्जुनकी छाल, लौकी का रस, तुलसी, पुदीना, मौसमी, सेंधा नमक, गुड़, चोकरयुक्त आटा, छिलकेयुक्त अनाज औशधियां हैं।

28- भोजन के पश्चात् पान, गुड़ या सौंफ खाने से पाचन अच्छा होता है। अपच नहीं होता है।

29- अपक्व भोजन (जो आग पर न पकाया गया हो) से शरीर स्वस्थ रहता है और आयु दीर्घ होती है।

30- मुलहठी चूसने से कफ बाहर आता है और आवाज मधुर होती है।


How To Strong Immune System In Hindi | Immunity Tips in Hindi | शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के घरेलू उपाय

31- जल सदैव ताजा(चापाकल, कुएं आदि का) पीना चाहिये, बोतलबंद (फ्रिज) पानी बासी और अनेक रोगों के कारण होते हैं।

32- नीबू गंदे पानी के रोग (यकृत, टाइफाइड, दस्त, पेट के रोग) तथा हैजा से बचाता है।

33- चोकर खाने से शरीर की प्रतिरोधक शक्ति बढ़ती है। इसलिए सदैव गेहूं मोटा ही पिसवाना चाहिए।

34- फल, मीठा और घी या तेल से बने पदार्थ खाकर तुरन्त जल नहीं पीना चाहिए।

35- भोजन पकने के 48 मिनट के अन्दर खा लेना चाहिए। उसके पश्चात्
उसकी पोशकता कम होने लगती है। 12 घण्टे के बाद पशुओं के खाने लायक भी नहीं रहता है।

36- मिट्टी के बर्तन में भोजन पकाने से पोशकता 100% कांसे के बर्तन
में 97% पीतल के बर्तन में 93% अल्युमिनियम के बर्तन और प्रेशर कुकर में 7-13% ही बचते हैं।

37- गेहूँ का आटा 15 दिनों पुराना और चना, ज्वार, बाजरा, मक्का का आटा 7 दिनों से अधिक पुराना नहीं प्रयोग करना चाहिए।

38- 14 वर्श से कम उम्र के बच्चों को मैदा (बिस्कुट, बे्रड, समोसा आदि)
कभी भी नहीं खिलाना चाहिए।

39- खाने के लिए सेंधा नमक सर्वश्रेश्ठ होता है उसके बाद काला नमक का स्थान आता है। सफेद नमक जहर के समान होता है।

40- जल जाने पर आलू का रस, हल्दी, शहद, घृतकुमारी में से कुछ भी लगाने पर जलन ठीक हो जाती है और फफोले नहीं पड़ते।

41- सरसों, तिल,मूंगफली या नारियल का तेल ही खाना चाहिए। देशी घी ही खाना चाहिए है। रिफाइंड तेल और वनस्पति घी (डालडा) जहर होता है।

42- पैर के अंगूठे के नाखूनों को सरसों तेल से भिगोने से आँखों की खुजली लाली और जलन ठीक हो जाती है।

43- खाने का चूना 70 रोगों को ठीक करता है।

44- चोट, सूजन, दर्द, घाव, फोड़ा होने पर उस पर 5-20 मिनट तक चुम्बक रखने से जल्दी ठीक होता है। हड्डी टूटने पर चुम्बक का प्रयोग करने से आधे से भी कम समय में ठीक होती है।

45- मीठे में मिश्री, गुड़, शहद, देशी(कच्ची) चीनी का प्रयोग करना चाहिए सफेद चीनी जहर होता है।

46- कुत्ता काटने पर हल्दी लगाना चाहिए।

47-बर्तन मिटटी के ही परयोग करन चाहिए।

48- टूथपेस्ट और ब्रश के स्थान पर दातून और मंजन करना चाहिए दाँत मजबूत रहेंगे। (आँखों के रोग में दातून नहीं करना)

49- यदि सम्भव हो तो सूर्यास्त के पश्चात् न तो पढ़े और लिखने का काम तो न ही करें तो अच्छा है।

50- निरोग रहने के लिए अच्छी नींद और अच्छा(ताजा) भोजन अत्यन्त
आवश्यक है।

51- देर रात तक जागने से शरीर की प्रतिरोधक शक्ति कमजोर हो जाती है। भोजन का पाचन भी ठीक से नहीं हो पाता है आँखों के रोग भी होते हैं।

52- प्रातः का भोजन राजकुमार के समान, दोपहर का राजा और रात्रि का भिखारी के समान।
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Monday, 23 May 2016

Ayurvedic Health Tips in Hindi | Gharelu Upchar

Ayurvedic Health Tips in Hindi | Gharelu Upchar

1- सुबह उठ कर कैसा पानी पीना चाहिए
उत्तर : हल्का गर्म

2--पानी पीने का क्या तरीका होता है
उत्तर : सिप सिप करके व नीचे बैठ कर 

3 -खाना कितनी बार चबाना चाहिए
उत्तर : 32 बार

4-- पेट भर कर खाना कब खाना चाहिए
उत्तर : सुबह

5--सुबह का खाना कब तक खा लेना चाहिए
उत्तर : सूरज निकलने के ढाई घण्टे तक

6--सुबह खाने के साथ क्या पीना चाहिए
उत्तर : जूस

7 -दोपहर को खाने के साथ क्या पीना चाहिए
उत्तर : लस्सी/छाछ

8 -रात को खाने के साथ क्या पीना चाहिए
उत्तर : दूध

9 -खट्टे फल किस समय नही खाने चाहिए
उत्तर : रात को

10 -लस्सी खाने के साथ कब पीनि चाहिए
उत्तर : दोपहर को

11 -खाने के साथ जूस कब लिया जा सकता है।
उत्तर : सुबह

12 -खाने के साथ दूध कब ले सकते है
उत्तर : रात को

13 -आईसक्रीम कब कहानी चाहिए
उत्तर : कभी नही

14- फ्रीज़ से निकाली हुई चीज कितनी देर बाद कहानी चाहिए
उत्तर : 1 घण्टे बाद

15-क्या कोल्ड ड्रिंक पीना चाहिए
उत्तर : नही

16 -बना हुआ खाना कितनी देर बाद तक खा लेना चाहिए
उत्तर : 40 मिनट

17--रात को कितना खाना खाना चाहिए
उत्तर : न के बराबर

18 -रात का खाना किस समय कर लेना चाहिए
उत्तर ;सूरज छिपने से पहले

19 -पानी खाना खाने से कितने समय पहले पी सकते हैं
उत्तर : 48 मिनट

20-क्या रात को लस्सी पी सकते हैं
उत्तर : नही 

21 -सुबह खाने के बाद क्या करना चाहिए
उत्तर : काम

22 -दोपहर को खाना खाने के बाद क्या करना चाहिए
उत्तर : आराम

23 -रात को खाना खाने के बाद क्या करना चाहिए
उत्तर : 500 कदम चलना चाहिए

24 -खाना खाने के बाद हमेशा क्या करना चाहिए
उत्तर : वज्र  आसन

25 -खाना खाने के बाद वज्रासन कितनी देर करना चाहिए
उत्तर : 5-10मिनट

26 -सुबह उठ कर आखों मे क्या डालना चाहिए
उत्तर :मुंह की लार

27 -रात को किस समय तक सो जाना चाहिए
उत्तर  : 9-10बजे तक

28- तीन जहर के नाम बताओ
उत्तर  : चीनी मैदा  सफेद नमक

29 -दोपहर को सब्जी मे क्या डाल कर खाना चाहिए
उत्तर : अजवायन

30 -क्या रात को सलाद खानी चाहिए
उत्तर  : नहीं

31 -खाना हमेशा कैसे खाना चाहिए
उत्तर : नीचे बैठकर व खूब चबाकर

32 -क्या विदेशी समान खरीदना चाहिए
उत्तर : कभी नही

33 -चाय कब पीनी चाहिए
उत्तर : कभी नहीं

33- दूध मे क्या डाल कर पीना चाहिए
उत्तर  : हल्दी

34--दूध में हल्दी डालकर क्यों पीनी चाहिए।
उत्तर : कैंसर ना हो इसलिए

35 -कौन सी चिकित्सा पद्धति ठीक है
उत्तर : आयुर्वेद

36 -सोने के बर्तन का पानी कब पीना चाहिए
उत्तर : अक्टूबर से मार्च (सर्दियों मे)

37--ताम्बे के बर्तन का पानी कब पीना चाहिए
उत्तर : जून से सितम्बर(वर्षा ऋतु)

38 -मिट्टी के घड़े का पानी कब पीना चाहिए 
उत्तर : मार्च से जून (गर्मियों में)

39 -सुबह का पानी कितना पीना चाहिए
उत्तर : कम से कम 2-3गिलास 

40 -सुबह कब उठना चाहिए
उत्तर : सूरज निकलने से डेढ़ घण्टा पहले।
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अमूल्य कथन

1 Amla a day = No Doctor
1 Lemon a day = No Fat
3 liters of Water per day = No Diseases
5 Tulsi Leafs a day = No Cancer
1 Cup milk a day = No bone Problem

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