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Monday, 23 May 2016

Ayurvedic Treatment for Paralysis

Ayurvedic Treatment for Paralysis | लकवा ( पेरालीसीस ) का ईलाज

वायु के कुल 80 प्रकार के रोगो मे से लकवा १ है.

जब वायु प्रकोपित होता है तो 80 प्रकार के रोगो को जन्म देता है.

जीसमे गठिया , आमवात , शरिर सुन्न हो जाना ,  पेरालीसीस मुख्य रोग है वायु से होने वाले.

आज आपको बता रहे हे पेरालीसीस का ईलाज तो आप यह ईलाज अपनी डायरि मे लीख लिजीये.

* कलौंजी से ईलाज * 


लकवा ग्रस्त व्यकित के लिऐ कलौंजी का तैल अक्सिर है. तो आप बाजार से कलौंजी का तैल लेकर आये  १०० ग्राम कलौंजी तैल + १०० ग्राम महानारायण तैल को मीक्स करके लकवा ग्रस्त भाग पर गुनगुना करके दिन मे ३-४ बार मालीश करे .

कलौंजी का तैल की १-१  बूंद नाकमे डाले. रोज सुबह शाम आैर 5 मिनीट तक  लेटे रहे. 

* सौंठ जल से ईलाज *


सौंठ का चूरन २  चमच + २ लिटर पानी मे मीक्स करक 5 मिनट तक उबाले. जब ठंडा हो जाये तब ईसमे २ चमच शहद  मीलाकर बोटल मे रखदे. आैर जब भी प्याज लगे तब ईसी पानीको हि पीऐ.

* गालीँक ( लहसुन ) से ईलाज *


गालीँक 50 GMs  + तिल का तैल 200 GMs मीक्स करके पकाऐ आैर रोज सुबह शाम १-१ चमच पीऐ. 

* अलसी( फ्लेक्स सीड) से ईलाज *


अलसी भी पेरालीसीस का रामबाण ईलाज है लकवा होने पर अलसी के तैल ३-३ ग्राम( आधा चमच )  सुबह शाम खाना चाहिये.
अथवा वेस्टिज कंपनी की फ्लेक्स केप्सुल सुबह शाम १-१ ले सकते है 

* हरड + सौंठ + अजवाईन का चूरन *


पेट को साफ रखना बहोत हि जरुरी है ईसके लिऐ आप अजवाइन 25 ग्राम  + सौंठ  25  ग्राम + चालीसा हरड 150 ग्राम लेकर मीक्स करके चूरन बनाऐ ऐवं रोज रात को १ चमच गुनगुने पानी के साथ ले. 

* आैषध से ईलाज *


सपँगंधा 50 ग्राम  + अश्वगंधा  50 ग्राम + मालकांगनी बीज 20 + ञिफला 50 + चोपचीनी 50 ग्राम  मीक्स करके सुबह शाम १-१ चमच ले. 

शुद्ध कुचला को आधा ग्राम सुबह शाम ले. ध्यान रखे कि यह शुद्ध ही हो. उपर से १ चमच गायका धी पीऐ. 

* आयुवैदिक तैयार आैषधि *

> योगेन्द सिंह रस  

सुबह शाम १-१ गोली खाने के बाद गुनगुने पानी के साथ ले.

> ऐकांतविर रस 


ऐकांतविर रस की गोली दोनो  समय १-१ गोली खाने के बाद गुनगुने पानी के साथ ले.

> ब्रुहतवात: चिंतामणी रस 


ईस गोली को सुबह शाम १-१ गोली ले गुनगुने पानी के साथ. 

खाने पीने मे परहैज 

कंया ना खाऐ 

आलु , टमाटर , भैंस का दूध , धी , दहि , छाश , बाहर का खाना , बैकरि की चीजे. जंकफूड , फास्टफूड , मेंदे से बनी चीजे, चाय , कोफि वगैरा बीलकुल बंद करे. 

कंया खाऐ 

पालक की सब्जी , बीट , गाजर , बैंगन , परवल , बकरि का दूध , गायका दूध , पुरानी जौ , करेला , हल्दि , फ्रुट्स ,  ऐवं सुपाच्य खाना खाऐ.

Sunday, 22 May 2016

जब गर्मी सताये - छांछ बचाये | Benefits Buttermilk in Hindi

भारत में वर्षों से छांछ / Buttermilk का उपयोग आहार में स्वाद बढ़ाने के लिए और औषधी के रूप में किया जाता रहा हैं। यह भी कहा गया है की इसका उपयोग नियमित रूप से करने पर हम पेट और पाचन संबंधी विकारों से बच सकते हैं। छांछ को दूध और दही से भी ज्यादा स्वादिष्ट, पौष्टिक और लाभकारी माना जाता हैं। इसमें दूध और दही से भी ज्यादा Calcium पाया जाता है जो शरीर को सदृढ़ बनाता हैं। गर्मियों में इसका सेवन विशेष लाभकर होता हैं। लेकिन जब गर्मा बहुत ज़्यादा हो तब छांछ गर्मा से बचाने का सबसे कारगर उपाय है।

दही को मथ कर और उसमे स्वादानुसार कुछ मसाले मिलाकर छांछ को बनाया जाता हैं। छांछ बनाने के लिए हमेशा ताजे दही का इस्तेमाल करना चाहिए। 

Health Benefits Buttermilk | छांछ के विभिन्न स्वास्थ्य लाभ - 


1 - पाचक / Digestive : छांछ को भोजन के साथ लेने से पाचन अच्छे से होता हैं। यह आसानी से पचने वाला पेय हैं। भोजन के साथ छांछ लेने से अपचन, अम्लपित्त और कब्ज जैसी समस्या नहीं होती हैं। 

2 - रक्तचाप / Blood Pressure : एक अध्ययन में यह पता चला है की रोजाना भोजन करते समय छांछ का सेवन करने से Blood pressure को नियंत्रित करने में मदद मिलती हैं। ध्यान रहे की छांछ में अधिक नमक नहीं मिलाना चाहिए। छांछ में एक विशेष प्रोटीन होता है को कोलेस्ट्रोल की अधिक मात्रा को कम करता हैं। 

4 - कैल्शियम / Calcium : छांछ में Calcium का प्रमाण अधिक होने के कारण इसे नियमित सेवन करने से हड्डियां मजबूत बनती हैं।  

5 - अम्लपित्त / Acidity : आधुनिक जीवनशैली और खान-पान की वजह से आजकल एसिडिटी की समस्या अधिक पायी जाती हैं। छांछ लेने से पाचन अच्छे से होता है और एसिडिटी नहीं होती है। 

6 - पानी की कमी / Dehydration : गर्मी के कारण या जुलाब लगने से शरीर में पानी की कमी होने पर आप छांछ का सेवन कर सकते हैं। इससे पानी की कमी के साथ पौष्टिकता भी प्राप्त होती हैं। 

7 - विटामिन / Vitamins : छांछ में लगभग सभी Vitamins जैसे Vitamin A, C, E, B और K पाया जाता हैं। इससे शारीरिक दुर्बलता कम होती हैं। 

8 - रोग प्रतिकार शक्ति / Immunity : छांछ में शरीर के लिए आवश्यक Bacteria और लैक्टोस होता है जिससे रोग प्रतिकार शक्ति बढ़ती हैं।  

9 - मोटापा / Obesity : जो लोग अपना वजन कम करने के लिए कम आहार ले रहे है उनके लिए छांछ वरदान समान हैं। इसमें Fats और Calories कम होते है और यह पौष्टिक भी होता हैं। बाजार में मिलने वाले high calories वाले शीत पेय पिने की जगह छांछ एक बेहतर विकल्प हैं।  

10 - आँखे / Eyes : आँखों में जलन या आँखों की रौशनी बढ़ाने के लिए भी आप छांछ का नियमित सेवन कर सकते हैं। 

11 - पीलिया / Hepatitis : आयुर्वेद के अनुसार आप पीलिया में एक कप छांछ में 10gm हल्दी मिलाकर दिन में 3 बार पिने से लाभ होता हैं। 

12 - छांछ के नियमित सेवन करते रहने से बवासीर, मूत्र विकार, प्यास लगना, कब्ज, एसिडिटी, पित्त विकार और त्वचा रोग संबंधी विकार में बहुत फायदा होता है।
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अमूल्य कथन

1 Amla a day = No Doctor
1 Lemon a day = No Fat
3 liters of Water per day = No Diseases
5 Tulsi Leafs a day = No Cancer
1 Cup milk a day = No bone Problem

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